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औषधि केन्द्र


शिघ्र ही उपलब्ध होंगी।

विद्यार्थी के उत्म स्वास्थ के लिए सामान्य जानकारी

1. सूर्योदय से पहले जागें व अपने माता-पिता व बड़ों के चरण स्पर्श कर आशिर्वाद प्राप्त करें।
2. मंजन (दांत की स्वच्छता) सुबह व रात में सोते वक्त जरूर करें।
3. सुबह उठ कर साफ पानी करें।
4. नित्य व्यायाम, प्राणायाम एवं योग करें।
5. शौच के लिए शौचालय का उपयोग करें, खुले में शौच न करें क्योंकि खुले में शौच करने से हानिकारक कीटाणु मक्खियों के माध्यम से पहुंच कर बिमारियां फैलाते हैं।
6. गृह कार्य में माता-पिता का सहयोग करें।
7. प्रतिदिन स्नान करें।
8. नाखून काटय/साफ कर के रखें।
9. अपना कमरा/आस-पास घर मोहल्ला/गांव स्कूल को स्वच्छ रखे व स्वच्छ करने में सहयोग करे।
10. खुला हुआ भोजन, जहां गंदगी व मक्खियां हों का प्रयोग करने से पीलिया, टाइफाइड व पेट की अन्य बीमारियां हो सकती हैं।
11. कूड़ा/करकट कूड़ेदान में ही डालें व उसका उचित निस्तारण करें।
12. मन लगाकर पढ़ाई करें व प्रतिदिन अपना कार्य समाप्त करें।
13. खेल-कूद में भाग लें।
14. एक दूसरे का सहयोग करे व देश को उन्नति के पथ पर अग्रसर करने में योगदान दें।

जापानी इन्सिफेलाइटिस


1. जापानी इन्सिफेलाइटिस व अन्य वायरस से होने वाले इन्सिफेलाइटिस से कैसे बचा जा सकता है।
जापानी इन्सिफेलाइटिस के रोक थाम के लिए मच्छरों पर नियंत्रण की आवस्कश्यकता है. इसके लिए घर व आस-पास हैण्डपम्प, नातियों व गड्ढों में पानी जमा न होनें देउसके निकासी का समुचित प्रबन्ध करें। अपने घर गली व मोहल्लों को स्वच्छ रखें बच्चों को पूरे बाँह की कमीज व फुल पैन्ट पहनकर ही बाहर जाने दे व मच्छरदानी का प्रयोग करें। मच्छरों को दूर भगानें वाले साधनों का उपयोग करें। साफ व शुद्ध पानी पियें व पानी लेनें के स्थान जैसे कुंए हैण्डपम्प के आस-पास के स्थान को स्वच्छ रखें। शौच केवल शौचालय में ही करें। संक्रमित व्यक्ति के शौच से कई वायरस व जिवाणु मुनष्य के शरीर में प्रवेश करके (एन्सिफेलाइटिस, पीलिया, टाइफाइड इत्यादि बिमारी पैदा कर सकते है।
2. क्या जापानी एन्सिफेलाइटिस के लिए टीकाकरण उपलब्ध है?
हाँ, इसके लिए सरकार ने जापानी एन्सिफेलाइटिस से प्रभावित हैं क्षेत्रों में टीकाकरण की विशेष व्यवस्था सरकार द्वारा की गयी है जिसका लाभ उठाकर जापानी इन्सिफेलाइटिस की रोकथाम की जा सकती है। इसके लिए नजदीकी के स्वास्थ केन्द्र या सरकारी चिकित्सा केन्द्रों से सम्पर्क कर टीकाकरण प्रोग्राम के अनुसार टीका लगाया जा सकता है।
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